कोडिंग क्यों सीखना चाहिए.Coding क्यों सीखना चाहिए?

कोडिंग क्यों सीखना चाहिए (Why should child learn coding in Hindi?)

 

आज हम बच्चों ने कोडिंग क्यों सीखना चाहिए,कोडिंग सिखाने के तरीके, तथा बच्चों के लिए कोडिंग क्यों जरूरी है? कोडिंग के फायदे इन सभी बातों के बारे में जानकारी देखेंगे.

 

 

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आज 21वीं सदी मे मोबाइल,कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी  का बहुत ही महत्व है.

दुनिया में हर रोज इन क्षेत्र में प्रगति हो रही है.

आज हम सुबह उठने से रात में सोने तक बहुत सारी बातें मोबाइल या टेक्नोलॉजी से करते हैं. 

 

जैसे कि हर रोज की फेसबुक,व्हाट्सएप की चैटिंग, या बैंक खाते में पैसे भेजना, किसी वस्तु को अमेजॉन,फ्लिपकार्ट से खरीदी करना,अपने टीवी का रिचार्ज करना, बिजली का बिल भरना, यह सभी काम हम मोबाइल और टेक्नोलॉजी की मदद से करते है.

 

अगर आपके बच्चे मोबाइल गेम खेलते है. कोडिंग सीखने से मोबाइल गेम जैसे गेम वह खुद बना सकते है.

 

छोटे-छोटे एप्लीकेशन वह खुद बना सकते है. आप आपके बच्चे से छोटे एप्लीकेशन बना कर ले सकते हैं.

 

आजकल हम मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा बहुत सारे काम आसानी से कर सकते है. इसलिए मोबाइल एप्लीकेशन को बहुत ज्यादा प्रमाण में मांग है.

अगर आप आपके बच्चे को कोडिंग सिखाते है तो भविष्य में आपके बच्चे भी मोबाइल एप्स बना सकते है.

 

इन सभी काम के लिए कोडिंग सीखना बहुत ही जरूरी है.

 

भारत में 12 साल तक के बच्चे मोबाइल गेम,वीडियो गेम तथा कार्टून देखने में लगे रहते है.

तो इससे विपरीत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया,चीन जैसे देशों में बच्चों को 5 साल से ही कोडिंग सिखाया जाता है.वहां के ज्यादातर बच्चे खुद का मोबाइल गेम,एप्लीकेशन बना सकते है.

 

तो चलिए आज हम देखते हैं कि कोडिंग क्या है?

 

कोडिंग क्या है? What is coding in Hindi.

 

Coding एक प्रकार की भाषा है जिससे हम कंप्यूटर से बातचीत कर सकते हैं, इंस्ट्रक्शन दे सकते हैं याने कंप्यूटर जो भाषा समझता है. उसे हम कोडिंग कहते हैं. कोडिंग के मदद से हम  मोबाइल एप्स, सॉफ्टवेयर तथा वेबसाइट बना सकते हैं.

 

बच्चों को कोडिंग क्यों सिखाना चाहिए Benefit of coding in Hindi.

 

कोडिंग सीखने से बच्चों  का मैथमेटिक्स और कम्युनिकेशन विकसित होता है. उसके साथ ही साथ कोडिंग के बहुत सारे फायदे हैं. तो आज हम कोडिंग के सारे फायदे देखेंगे जैसे आप समझ सकते हैं कि बच्चों को कोडिंग सिखाना क्यों जरूरी है.

 

बच्चों की क्रिएटिविटी को बढ़ाना (Improve creativity)

 

कोडिंग का मतलब ही कुछ नया बनाना है. आपके बच्चे थोड़ी की मदद से नए वीडियो गेम तथा नई वेबसाइट बना सकते हैं. तथा नए सॉफ्टवेयर बना सकते हैं. जिससे उनकी क्रिएटिविटी और बढ़ती है इसलिए कोडिंग क्रिएटिविटी बढ़ाने के लिए बहुत ही फायदेमंद है.

 

अगर आपका बच्चा कोडिंग सीखकर कंप्यूटर इंजीनियर, या सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं भी बना, फिर भी कोडिंग क्रिएटिविटी का फायदा आपके बच्चों को पढ़ाई में मिलेगा.

 

कोडिंग से आपके बच्चों की कम्युनिकेशन स्किल बढ़ती है

 

Coding सीखना यह एक नई भाषा सीखना है. हम जब कोई नई भाषा सीखते हैं तब हमारी कम्युनिकेशन स्किल  बढ़ने लगती है.

कोडिंग में भी कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन देने के लिए नहीं बचा सीखनी पड़ती है. इसलिए बच्चों का  कम्युनिकेशन स्किल बढ़ने लगती है इसलिए नई भाषा सीखने के लिए कोडिंग सीखना एक अच्छा पर्याय है. 

 

कोडिंग से आपके बच्चे समस्या सुलझाने की क्षमता बढ़ती है (problem solving)

 

Coding सीखते समय बच्चों के सामने बहुत सारी समस्याएं आती है कोडिंग में बच्चे इन समस्याओं को छुड़ाते है.

ऐसे बच्चों की समस्या सुलझाने की क्षमता बढ़ती है. समस्या छुड़ाने की यह क्षमता बच्चों को रोजमर्रा के जिंदगी में बहुत ही फायदेमंद है. 

कोडिंग सीखने से बच्चों का मैथ्स अच्छा होता है

 

कोडिंग सीखने से बच्चों का मैथमेटिक्स अच्छा हो जाता है क्योंकि math के लिए जो स्किल की जरूरत है यही कोडिंग में काम आती है.इसलिए कोडिंग सीखना फायदेमंद है.

 

सॉफ्टवेयर, मोबाइल एप्स, और कंप्यूटर भविष्य है. 

 

जिस तरह से दुनिया विकसित हो रही है उसी तरह से हम कंप्यूटर, मोबाइल एप्स,और सॉफ्टवेयर का उपयोग रोज बढ़ रहा है.आज बहुत सारे व्यवसाय है. जो अपने बिजनेस को ऑनलाइन लेकर जाना चाहते हैं

 

इसके लिए वह अपने दुकान व्यवसाय का मोबाइल एप्स बनाना चाहते हैं वेबसाइट बनाना चाहते हैं जिससे  कोडिंग  सीखकर आपके बच्चे  भविष्य के बिजनेस के साथ चल सकते हैं. 

 

इस तरह हमने देखा कि कोडिंग सीखना कितना जरूरी है. अब हम देखेंगे कि कोडिंग किस  उम्र से सीखना चाहिए.

 

कोडिंग कब सीखना चाहिए? When to learn coding?

 

आप अपने बच्चे को कोडिंग अर्ली एज में ही पढ़ाना शुरू करें  जिससे आपका बच्चा बहुत ही जल्दी लोडिंग सीख पाएगा और  अपनी खुद की एप्लीकेशन बना पाएगा तथा सॉफ्टवेयर क्षेत्र में अपना करियर कर सकता है. 

 

आजकल बहुत इंस्टिट्यूट है जो उम्र के 6 साल से ही कोडिंग सिखाते हैं. अगर आपको भी आपके बच्चों को कोडिंग सिखाना है. तो आप 6 से 7 साल से शुरुआत कर सकते हैं जिससे आपका बच्चा जल्दी कोडिंग सीख पाएगा.

 

कोडिंग कहां से सीखे? 

अपने बच्चे को कोडिंग अगर आप अच्छे सिटी में रहते हैं,तो सिखा सकते हैं. और अगर आप छोटे शहर में रहते हैं फिर भी आप ऑनलाइन  कोडिंग क्लास लगा कर अपने बच्चों को कोडिंग सिखा सकते हैं.

 

तो इस तरह बच्चों के लिए कोडिंग क्यों जरूरी है? कोडिंग के फायदे इन सभी बातों के बारे में जानकारी देखी है.

 

दोस्तों कोडिंग भविष्य का शिक्षण है. आप जरूर अपने बच्चों को कोडिंग सिखाएं ताकि आपका बच्चा भविष्य के बिजनेस के साथ चले और दुनिया से पीछे ना रहे.

 

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